15/05/2026
सपनों का सफ़रनामा | Sapno Ka Safarnama | Telefilm
लघुकथा- सपनों का सफ़रनामा
लेखक- प्रवासी विनयकृष्ण
निर्देशन- अशोक भान
कहते हैं जीवन पथ का सफ़रनामा इतना आसान नहीं होता | मंजिल सामने होने के बावजूद रास्ते दुर्गम होते जाते हैं | काॅलेज का टाॅपर मणिशंकर श्रीवास्तव, हरेक विभाग में अव्वल,खेल से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम तक हर जगह मणिशंकर श्रीवास्तव | लेकिन गरीबी और माँ की बीमारी उसे जीवन संघर्ष का आईना दिखाती है | जिसके कारण वह गलत रास्ते पर चला जाता है | प्रवासी विनयकृष्ण की कहानी एक भटके हुए नौजवान को रास्ता दिखाने और पश्चाताप करने का आत्मसात कराती है |