06/03/2026
बीकानेर थिएटर फेस्टिवल में विभिन्न नाटकों की प्रस्तुतियों, रंग संवाद , नाट्य विषयक परिचर्चाएं , मास्टर क्लास सब साथ साथ चलते रहा। 24 फरवरी से 1 मार्च तक चलने वाला यह अपने आप में एक बहुत बड़ा उत्सव है जिसमें सम्मिलित होना मेरा भी सौभाग्य रहा । मुझे इस उत्सव में मास्टर क्लास के लिए आमंत्रित किया गया जिसका विषय था हिंदी नाटकों में स्त्री पात्रों का मनोविश्लेषणात्मक अध्ययन। क्लास अच्छी रही। प्रस्तुति के लिए तैयार नाटक के नाट्यभ्यास अभ्यास के साथ साथ नाटक के मूल पाठ को पढ़ना भी आवश्यक है , और किसी भी नाटक के पात्र का स्वयं विश्लेषण करना आवश्यक है सुनी सुनाई बात को पकड़ कर किसी भी पात्र के चरित्र को समझ लेने की गलती कम से कम उन्हें नहीं करनी है जिनको उस चरित्र को धारण करना है या गढ़ना है।
कक्षा में जो एक बात अधिक चिंतित कर गई वो ये थी कि नाटकों के टेक्स्ट की दुनिया से इन कलाकारों का अभी नाता नहीं जुड़ा था।
बहरहाल इस तरह की कक्षाओं का आयोजन इस अगली पीढ़ी के लिए बहुत ही लाभप्रद है और इसके लिए इस थिएटर फेस्टिवल के डायरेक्टर सुदेश व्यास जी एवं उनकी पूरी टीम का वाकई मैं दिल से आभार व्यक्त करती हूं जो उनके माध्यम से हमें भी अगली पीढ़ी को कुछ सिखा देने का अवसर मिला ।