29/04/2026
जब धर्म डगमगाता है, तब सत्य अपना विराट रूप दिखाता है… ✨
आज के इस दिव्य चित्र में भगवान श्री कृष्ण का विराट स्वरूप (विष्वरूप) हमें यह स्मरण कराता है कि सम्पूर्ण सृष्टि उन्हीं में समाई है—
काल भी वही हैं, सृजन भी वही हैं, और संहार भी वही हैं।
जब अर्जुन ने इस अद्भुत रूप को देखा, तब उन्हें समझ आया कि हम सब केवल निमित्त हैं…
जीवन का हर क्षण, हर कर्म—ईश्वर की योजना का एक अंश है।
🌼 संदेश:
अहंकार छोड़ो, विश्वास अपनाओ।
जो हो रहा है, वही होना चाहिए… क्योंकि वह उसी की इच्छा है।
जय श्री कृष्ण 🙏