21/07/2025
लोकल ट्रेन में बम धमाके के कारण लगभग 200 लोगों के मृत और लगभग इतने ही घायलों की क्रूर , अमानवीय और जघन्य हत्या जैसे कुकर्म को अंज़ाम देने वाले अधर्मी पापियों को त्रुटि पूर्ण न्याय प्रक्रिया और कानूनी खामियां से बाइजज़त बरी करने का आदेश माननीय न्यायालय के द्वारा दिया गया है । वर्तमान परिस्थितियों और कालखंड में कालजयी बन चुके ऐसा संविधान और उसके अधीन बने कानून को तत्काल भंग करके नये सिरे से सुधार की महती आवश्यकता आन पड़ी है । पर सत्ता की मलाई का रसास्वादन करने में लिप्त सभी दल दलालों के तथाकथित माननीयों को कहां इसकी सजगता पूर्ण चिंता और सोच है । यह संपूर्ण देश के लिए अत्याधिक चिंताजनक , क्षोभ वाला औरअफसोस जनक फैसला आया है । दो दशकों की बेहद लंबी प्रतीक्षा के बाद अगर इन्हें बाइज्ज़त छोड़ा ही जाना था, तो फिर तारीख पर तारीख की नौटंकी सरकारी तंत्र और न्यायिक तंत्र आखिर क्यों करते रहें ? बेहद दुखी करने वाला निर्णय आया है इसने जन-मानस को झकझोर कर रख दिया सभी सच्चे और अच्छे भारतीय अवाक होने के साथ बेहद व्यथित भी है । उस जघन्य बम कांड में मृत हो गए सभी निरीह असहाय बेकसूर लगभग 200 मासूमों की आत्मा आज वास्तव में दम तोड़कर चूर चूर हो गई होगी । न्यायपालिका जहां तीन वर्षों में कन्हैयालाल की गला रेतकर क्रूरतम हत्या करते हुए खुद वीडियो बनाकर वायरल करने वाले जेहादी शैतानों को तो सज़ा दे नहीं पाई और उस सच्ची घटना पर बनी फिल्म उदयपुर फाईल के रिलीज होने पर तीन घंटे में ही रोक लगाने तत्पर हो गई , क्या यह सोचनीय विषय नहीं है कि कुछ न कुछ तो दाल में काला अवश्य है या फिर पूरी दाल ही काली हो चली है । क्योंकि अभी गत महिनें पूर्व ही स्टोर रूम में करोड़ों रूपये जो ठूंस-ठूंस कर रखे गए थे उसकी आगजनी से भ्रष्ट और कदाचार का सत्य बाहर आया था । जहां उस जेहादी अफजल के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय मध्य रात्रि में सुनवाई कर सकता है तो फिर स्वर्गीय सनातनी निरीह असहाय श्री कन्हैयालाल के प्रकरण में लेट लतीफी पर वह स्वयं संज्ञान आखिर क्यों नहीं ले रहा है । धिक्कार है धिक्कार है धिक्कार है । सत्यम शिवम सुन्दरम् । कईयो में ऐंसी काय कई । सांची बात सटोले कयं और सबके मन से उतरे रयं । आनंदकंद भगवान की जय ।👎🤌🫵😭😡☠️🤬💀🌚🗣️🖤💔🩶👽😤😓😥😭😢